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बिहार विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा वक़्त नहीं बचा है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने गठबंधन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार आरजेडी को वामदलों का साथ मिल सकता है। सत्ताधारी पार्टी को विधानसभा चुनाव में पटखनी देने के लिए महागठबंध में वामदलों के शामिल होने के संकेत मिले हैं। अगर ऐसा होता है तो 2019 लोकसभा चुनाव में लेफ्ट के स्टार प्रचारक और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार महागठबंधन के लिए प्रचार करते नज़र आ सकते हैं।
2019 के चुनाव में बेगूसराय लोकसभा सीट से सीपीआई नेता कन्हैया कुमार की हार का एक मुख्य कारण आरजेडी भी रही है। लोकसभा चुनाव में आरजेडी ने कन्हैया के खिलाफ अपना उम्मीदवार खड़ा किया था। जिसका पूरा फायदा भाजपा को हुआ और आरजेडी उम्मीदवार तनवीर हसन और कन्हैया दोनों चुनाव हार गए। ऐसे में अगर इस बार महागठबंधन में वामदल शामिल हो जाते हैं तो कन्हैया उनके स्टार प्रचारक होंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरजेडी के साथ सीट बंटवारे का ऐलान जल्द होने की संभावना है। वामपंथी दलों ने भी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को प्रदेश में मजबूती देने के लिए एक साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। हालही में सीओआई और सीपीआईएम की 9 सदस्यीय टीम आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से मिली थी।
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द प्रिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीपीआई के राज्य सचिव राम नरेश पांडे ने बताया कि कन्हैया कुमार सीपीआई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं, इसलिए स्टार प्रचारक के रूप में उनका नाम केंद्रीय नेतृत्व से आएगा। अगर सीपीआई महागठबंधन में शामिल होता है तो कन्हैया आरजेडी के लिए भी प्रचार कर सकते हैं।
हालांकि कन्हैया चुनाव लड़ेंगे या नहीं इस पर सस्पेंस बना हुआ है। पांडे ने कहा “कन्हैया ने पिछले चार महीनों से मीडिया से बात नहीं की है। लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि वह बिहार में चुनाव नहीं लड़ेंगे।”